- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार: उज्जैन में घाटों पर उतरी प्रशासनिक टीम, भीड़ प्रबंधन पर सबसे ज्यादा जोर
- सिंहस्थ से पहले उज्जैन में दिखने लगा कुंभ जैसा आध्यात्मिक वातावरण, पंच धूनी तप में लीन हुए टाटम्बरी सरकार; धधकते कंडों के बीच कर रहे तप
- उज्जैन संभाग बन रहा देश का नया फूड प्रोसेसिंग पावरहाउस, 7300 करोड़ से ज्यादा निवेश से बदली औद्योगिक तस्वीर
- महाकाल मंदिर में भोर की भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद ड्रायफ्रूट और भांग-चंदन से हुआ बाबा का दिव्य श्रृंगार
- महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत: दर्शन मार्गों पर बन रहा हीट प्रूफ पाथ-वे, तपती जमीन से मिलेगी सुरक्षा
शिवनवरात्रि:महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि महापर्व शुरू
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि महापर्व फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की पंचमी यानी बुधवार तीन मार्च से शुरू हो गया। शिव नवरात्रि के पहले दिन बुधवार सुबह नैवेद्य कक्ष में चंद्रमौलेश्वर रूप में पूजन हुआ। उसके बाद भगवान कोटेश्वर महादेव का विधिविधान से अभिषेक पूजन किया गया। संध्या पूजा के बाद भगवान महाकाल को नवीन वस्त्र धारण कराए गए। भगवान को सोला, दुपट्टा व जलाधारी पर मेखला धारण कराई गई। महाशिव नवरात्रि को लेकर मंदिर के कर्मचारियों में विशेष उत्साह देखा गया। लोगों ने ढोल ताशे की थाप पर गरबा नृत्य किया।
पं आशीष गुरु ने बताया कि भगवान कोटेश्वर रामेश्वर के पूजन के बाद ब्राह्मणों का वरण किया गया। वरण के पश्चात भगवान महाकाल का पूजन अर्चन हुआ। प्रथम दिन भगवान ने वस्त्र धारण किए। क्योंकि भगवान दिगंबर रूप में विराजमान हैं। निराकार से साकार स्वरूप में आए हैं।
डॉ. विकास पुजारी ने बताया कि शिव नवरात्रि बाबा महाकाल की पूजा और तपस्या का बहुत बड़ा पर्व है। इस शिव नवरात्रि में बाबा की विशेष पूजा व श्रृंगार होता है। शिव नवरात्रि बाबा की तपस्या का पर्व है। बाबा को केसर चंदन का लेप किया गया। उन्होंने बताया कि आज बाबा का सामान्य श्रृंगार हुआ है। गुरुवार को शेषनाग श्रृंगार होगा।